Hindi, Hindi-Urdu Poetry, Poetry

समय सा-just like time

समय सा न वह रुका न वह थमा,

बस बढ़ता चला,

मन में था विश्वास घना,

की चट्टान को भी चीर,

अपना रास्ता बना,

वो बस चलता रहा,

न रुका न वह थमा,

समय सा….

Translated version:

just like time,

he never stopped,

just kept moving,

keeping faith in his heart,

he just kept moving,

he could rip the mountain,

making his way,

he just kept walking,

he never stopped, neither he stood,

He just kept moving,

just like time…

Hindi, Hindi-Urdu Poetry, Poetry


समय तो बदल रहा सभी का,

कुछ तो कर लो काम भी,

घड़ी की सुइयां यूँही टिक टिक नहीं करती,

बता रही हर पल यूँ निकल रहा,

न रुका है न रुकेगा,

कल से आज, आज से कल में यूँही बदल रहा,

चल थाम हाथ उसका राह पे चलाचल,

शाम होने के पहले करले दूर थकान भी,

मुलाकात होगी जब उससे तो बची रहे मुस्कान भी,

समय तो बदल रहा सभी का,

कुछ तो कर लो काम भी!

This Hindi poem is about time which is changing continuously for everyone, without taking a break. Holding His hand keep walking on the path of life, and before it gets evening, get revived and be ready for the meeting with Him, so that you can smile because time is changing for all, let’s do something!